- आज के दौर में भी जिंदा है मानव में मानवता, थाना सारागांव में पदस्थ है ईमानदार आरक्षक चन्द्रहास लहरे
जांजगीर। सारागांव थाना में पदस्थ आरक्षक चंद्रहास ने इंसानियत की अविस्मरणीय मिसाल पेश किया है। आरक्षक चंद्रहास लहरे ने एक महिला के गुम हुए 68,000 हजार और गहने को सड़क में पड़ा देख ससम्मान लौटाया है , आरक्षक के इस नेक कार्य की चौतरफा तारीफ हो रही है।
आपको बता दें आज सारागांव में पदस्थ आरक्षक चन्द्रहास लहरे जब प्रातः लगभग 11:00 बजे ड्यूटी हेतु थाना सारागांव आ रहे थे, उसी दौरान सारागांव बस स्टैण्ड से लगभग 100 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे एक लावारिस थैला पड़ा मिला। थैला उठाकर देखने पर उसमें नगदी रकम एवं आभूषण पाए गए। आसपास किसी व्यक्ति के नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी सारागांव निरीक्षक सुभाष चौबे को इसकी सूचना दी थैला थाना लाकर महिला प्रधान आरक्षक लेखक सरस्वती जांगड़े को सुपुर्दनामा किया गया।
थैले की जांच करने पर उसमें ₹68,000/- नगद, पुराने चांदी के जेवरात, आधार कार्ड एवं ग्रामीण बैंक की पासबुक पाया गया।
प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ग्राम सरवानी के सरपंच को सूचित किया गया, जिनके माध्यम से थैले के वास्तविक मालिक की पहचान नागेश्वरी धीवर उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम सरवानी, थाना सारागांव के रूप में हुई।
संपर्क करने पर पीड़िता द्वारा बताया गया कि उक्त थैला चांपा में सुनार दुकान पर सोना-चांदी बदलने जाते समय गुम हो गया था। पीड़िता को थाना बुलाकर पूछताछ की गई एवं थैले में रखी संपूर्ण सामग्री दिखाने पर उसके वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि हुई तत्पश्चात नगदी ₹68,000/- एवं चांदी के पुराने जेवरात, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक विधिवत रूप से पीड़िता को सुरक्षित लौटाए गए।
इस सराहनीय कार्य हेतु आरक्षक चन्द्रहास लहरे ने अपने कर्तव्य के साथ -साथ उच्च नैतिक मूल्यों और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। नागेश्वरी धीवर ने पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी सहानुभूति, विश्वास एवं आभार व्यक्त किया है।





