- रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने उनका बयान दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की है।
- स्थानीय लोगों ने रेस्कयू कर बचाई थी असिस्टेंट लोको पायलट की जान।
असिस्टेंट लोको पायलट अपने बयान में बोली – इमरजेंसी ब्रेक लगाया फिर भी नहीं रुकी ट्रेन, रेलवे ने माना लापरवाही, CRS की रिपोर्ट का इंतजार..
बिलासपुर |
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गेवरा-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसे में घायल असिस्टेंट लोको पायलट को रेलवे ने सस्पेंड कर दिया है। रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने उनका बयान दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की है।

अपने बयान में असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज ने बताया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाया , जानकारी के मुताबिक, रश्मि राज ने अपने बयान में कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से ठीक पहले एडवांस सिग्नल ‘सिंगल येलो’ था। इसके बाद आने वाले सिग्नल के बारे में मास्टर ने उन्हें बताया था कि ‘सिग्नल ओके है।’ इसी दौरान लोको कैब में सामने लगा सनलाइट पर्दा अचानक गिर गया।
उसे हटाने के लिए उन्होंने हाथ बढ़ाया और उसी क्षण सामने खड़ी मालगाड़ी दिखाई दी। उन्होंने तत्काल एमरजेंसी ब्रेक दबाया, लेकिन दूरी कम होने के कारण ट्रेन रुक नहीं सकी। इस दौरान उनसे सिग्नलिंग, गति, दृश्यता और कैब की स्थिति को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनके जवाब दर्ज कर लिए गए हैं।
जांच के दौरान असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज की स्थिति गंभीर होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया था। ऐसे में CRS कार्यालय की ओर से बयान लेने के लिए अधिकारी को कोलकाता बुलाया गया। इस बीच रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने अस्पताल में रश्मि राज से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद रेलवे ने सहायक लोको पायलट रश्मि राज को सस्पेंड कर दिया है।





