रजत जयंती वर्ष की प्रदर्शनी में दिखी प्रदेश की जल यात्रा की झलक….

InShot_20260126_232501929
InShot_20260126_080040157
IMG-20260126-WA0005

 

25 वर्षों में सिंचाई क्षमता में 61 प्रतिशत की वृद्धि..

जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी..

●प्रदेश की जल परियोजनाओं के जीवंत मॉडल आकर्षण का केन्द्र..

रायपुर/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत नवा रायपुर में लगाई गई जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में राज्य में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाया गया है। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। इस अवधि में सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

●जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में..सिंचाई क्षमता में वृद्धि को आकर्षक मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसको देखने के लिए युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। डोम में लगाए गए प्रदेश के नक्शे मॉडल में प्रमुख सिंचाई योजनाओं, नहर तंत्र और जलाशयों को इंटरएक्टिव रूप में दिखाया गया है, जिससे आगंतुक आसानी से परियोजनाओं की संरचना और इसके लाभ को समझ पा रहे हैं।

●प्रदर्शनी में विशेष रूप से..अटल सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मॉडल लगाए गए हैं। साथ ही जशपुर जिले की मैनी नदी पर प्रस्तावित सौर चालित बगिया दाबित सिंचाई परियोजना, खारंग जलाशय की पाराघाट व्यपवर्तन योजना, बिलासपुर जिले की छपराटोला फीडर जलाशय योजना, तथा महानदी पर प्रस्तावित मोहमेला सिरपुर बैराज को आकर्षक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही राज्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के रूप में सिकासार-कोडार लिंक परियोजना, बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना, तथा इंद्रावती-महानदी रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना को भी जीवंत मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जिससे दर्शकों को जल संसाधन के क्षेत्र में राज्य की भावी योजनाओं की झलक मिल रही है।

●छत्तीसगढ़ में निर्माण के समय..राज्य में केवल 3 वृहद परियोजनाएँ, 29 मध्यम परियोजनाएँ और 1945 लघु सिंचाई योजनाएँ संचालित थीं। 25 वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 8 वृहद, 38 मध्यम और 2514 लघु योजनाएँ हो गई हैं। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। यानी सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कि 61 प्रतिशत है। इसी प्रकार सिंचाई का प्रतिशत 23.28 प्रतिशत से बढ़कर 38.15 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2000 में जहाँ नहरों की कुल लंबाई 14,381 किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 19,371 किलोमीटर हो गई है। कुल नहरों की संख्या 3,993 से बढ़कर 5,458 हो गई है।

★जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का देश में परचम..

छत्तीसगढ़ ने 4 लाख 05 हजार 563 जल संरक्षण कार्यों के साथ देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जल संचय-जन भागीदारी 1.0 कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर नगर निगम ने 33,082 जल संरक्षण कार्य पूर्ण कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए रायपुर नगर निगम को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार बालोद और राजनांदगांव जिलों को भी अपनी श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2-2 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त होगा। साथ ही महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, सूरजपुर और दुर्ग जिलों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। ये उपलब्धियाँ प्रदेश की जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण नीति की सफलता को प्रमाणित करती हैं।

Latest

अवैध उत्खनन व परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई

एक सप्ताह में 27 वाहन जब्त, विभिन्न थानों में सुपुर्द कलेक्टर के निर्देश पर सतत कार्रवाई, दोषियों पर विधिसम्मत प्रकरण दर्ज रायगढ़। जिले में...
Raigarh
0
minutes

ओवरटेक करने के प्रयास में भिड़े हाइवा और ट्रेलर, लगी आग...

  रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में बड़ी घटना घटित हुई है। जिसमें एक हाईवा और ट्रैलर के बीच जमकर भिडंत हो गई। इससे केबिन...
Raigarh
0
minutes

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोनाईडीह में हुआ विज्ञान मेला का आयोजन

  चांपा । शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोनाईडीह में विज्ञान मेला का आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत, बीआरसी हीरेंद्र बेहार, संकुल प्राचार्य बसंत चतुर्वेदी,संकुल...
Janjgir - Champa
0
minutes

जिले के 1,18,927 किसानों के खातो में पहुंची 450 करोड़ 85...

जिले के सभी विकासखंडों में वृहद किसान सम्मेलन का हुआ आयोजन जांजगीर-चांपा । होली पर्व से पहले प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात देते...
Janjgir - Champa
0
minutes
error: Content is protected !!