एक माह पहले ही मालगाड़ी से मेमू लोकल चलाने दी गई थी जिम्मेदारी, कम अनुभव के कारण नही जज कर पाए सिग्नल….

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⇒ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराई थी मेमू खड़ी मालगाड़ी से, पायलट के खिलाफ ही मामला दर्ज..

बिलासपुर। मंगलवार की शाम गेवरा मेमू के मालगाड़ी से टकराने की घटना में पायलट के खिलाफ ही गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पायलट को एक माह पहले ही मेमू लोकल चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी, इससे पहले वे मालगाड़ी चलाते थे। यात्री गाड़ी चलाने का कम अनुभव व सिग्नल जज नहीं कर पाना ही इस भीषण रेल हादसे की वजह मानी जा रही है।


⇒ मंगलवार की दोपहर 1.30 बजे गेवरा मेमू अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई थी। शाम 4 बजे वह बिलासपुर के पास पहले से खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। इस हादसे में 11 यात्रियों की जान गई है। वहीं 20 से अधिक घायल हुए हैं। घटना के बाद रेलवे द्वारा जांच कराई गई है। पांच सदस्यीय जांच दल की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि मंगलवार को गतौरा से 76 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी से टकराई।


⇒ इससे भी यह अनुमान है.. कि पायलट विद्या सागर मेमू की स्पीड का अंदाजा नहीं लगा पाए। वह पहले मालगाड़ी चलाता था। कम अनुभव व सिग्नल जजमेंट में दिक्कत भी घटना के कारणों में शामिल मानी गई है। पहले इस रूट पर अप-डाउन 2 लाइनें थीं, पर अब 4 कर दी गई हैं। पहले जहां 4 सिग्नल थे, अब 16 अलग-अलग सिग्नल हैं, जिससे लगातार भ्रम होता है।

 


एलारसा ने इस समस्या की लिखित जानकारी रेल प्रबंधन को दी थी। सिग्नल की जानकारी सीधे लोको कैब में उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं की गई है। सिग्नल पास्ड एट डेंजर यानी सिग्नल जंप भी वजह रेलवे की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मेमू ट्रेन ने खतरे का सिग्नल पार किया। इसे रेलवे की तकनीकी भाषा में सिग्नल पास्ड एट डेंजर कहा जाता है। जांच रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना के लिए मेमू ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को सही समय पर ट्रेन को नियंत्रित न कर पाने का जिम्मेदार माना गया है। लोको पायलट विद्या सागर की मौत हो चुकी है। महिला सहायक लोको पायलट रश्मि राज इस हादसे में घायल हैं। उन्हें अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।असिस्टेंट ड्राइवर रश्मि राज की हालत अभी भी गंभीर है।


⇒ रेल हादसे में 11 लोग की मौत , 20 घायल

⇓मृतक                                            ⇔ विद्यासागर (55), लोको पायलट मेमू ।                  ⇔ लोकल प्रमिला वस्त्रकार(55)पाराघाट बिलासपुर।⇔ रंजीत भास्कर (32) कोसा, जांजगीर-चांपा ।       ⇔ अर्जुन यादव (35), देवरीखुर्द, बिलासपुर।          ⇔ शीला यादव (30), देवरीखुर्द,  बिलासपुर।          ⇔  मानमति यादव (65),  देवरीखुर्द, बिलासपुर ।      ⇔  प्रिया चंद्राकर (22) , बहेराडीह,  जैजैपुर  सक्ती।  ⇔  अंकित अग्रवाल, बिलासपुर ।                          ⇔  लवकुश शुक्ला, सक्ती ।                                  ⇔  गोती बाई (65), तखतपुर, बिलासपुर।                ⇔  गोदावरी बाई (60), रतनपुर, बिलासपुर।


घायल                                       ●मथुरा भास्कर उम्र (55)                                       तुलाराम अग्रवाल उम्र  (60)                                  ● आराधना निषाद उम्र (16)                                      ● चौरा भास्कर उम्र (50)
● मोहन शर्मा उम्र (29)
● शत्रुघ्न उम्र (50)
● गीता देबनाथ उम्र  (30)
● मेहनिश खान उम्र (19)
● अंजूला सिंह उम्र (49)
● शांता देवी गौतम उम्र (64)
● प्रीतम कुमार उम्र (18)
● संजू विश्वकर्मा उम्र (35)
● शैलेश चंद्र उम्र (49)
● सोनी यादव उम्र (25)
● अशोक कुमार
● संतोष हंसराज उम्र (60)
● दीक्षित उम्र (54)
● रश्मि राज उम्र (34)
● ऋषि यादव उम्र (2)
● नीरज देवांगन उम्र (53)
● राजेंद्र मारुति बिसारे उम्र (60)



सीआरएस 40 मिनट मौके पर रहे, पटरी भी नपवाई, आज 19 अफसरों को बुलाया..

बिलासपुर में कोरबा–बिलासपुर मेमू ट्रेन दुर्घटना में 11 यात्रियों की मौत हो गई। हादसे के दूसरे दिन बुधवार को दक्षिण पूर्वी सर्किल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा दोपहर 12 बजे लालखदान स्थित दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। 40 मिनट वहां पर रहकर उन्होंने 140 से 200 मीटर के दायरे में रेल पटरियों की गहनता से जांच की। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त कोच के अंदर जाकर मुआयना किया।
राज्य सरकार मृतकों के परिजन को देगी पांच लाख
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 5 लाख रुपए और सामान्य घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।


⇒ पीसीसी चीफ मिले घायलों से..वहीं बिलासपुर रेलवे अस्पताल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने घायलों और और डॉक्टर्स से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि 11 मौतों का जिम्मेदार कौन है। पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार फेल है। मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की ।


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