
वंदन योजना के हितग्राहियों का होगा ई-केवाईसी
जांजगीर। केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के बाद एक बार फिर 25 लाख नए कनेक्शन देने के लिए प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार कनेक्शन दिए जाएंगे।
वहीं महतारी वंदन योजना का लाभ ले रहे हितग्राहियों को अब ई-केवाईसी करवाना होगा। ई-केवाईसी नहीं करवाने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ई-केवाईसी की प्रक्रिया आंगनबाड़ी में होगी। महिलाओं को भटकना नहीं पड़ेगा। जो हितग्राही ई-केवाईसी नहीं करवाएगा उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
ऐसे होगा ई-केवाईसी..
..हितग्राहियों की पहचान की पुष्टि व पर्सनल जानकारी की प्राप्ति डिजिटल रूप में की जाती है। इसे ई-केवाईसी कहते हैं। जैसे गैस सिलेंडर व राशन कार्ड हितग्राहियों ने ई-केवाईसी करवाया। महतारी वंदन योजना में चिप्स के माध्यम से से ई-केवाईसी होगा। पंचायत सचिव इसमें सहयोग करेंगे। ई-केवाईसी करवाने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हितग्राहियों की मदद करेंगे। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रहेगी।
सात दिन में आवेदन, 15 दिन में कनेक्शन
विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार सभी जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इसके द्वारा जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन एवं प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। पात्र परिवारों से नए गैस कनेक्शन के लिए 7 दिनों में आवेदन लिए जाएंगे। गैस एजेंसियों से मिले आवेदनों का परीक्षण एवं सत्यापन कराकर 15 दिनों में नया गैस कनेक्शन दिया जाएगा।
जिला स्तरीय उज्जवला समिति के कलेक्टर होंगे अध्यक्ष
आवेदनों में से कम से कम 5 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन एवं परीक्षण जिला उज्जवला समिति द्वारा किया जाएगा। इसके सभी गैस एजेंसियों की बैठककर जानकारी देने के लिए कहा गया है। जिला स्तरीय उज्जवला समिति में अध्यक्ष, कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ अधिकारी होंगे तथा समन्वयक सदस्य के रूप में जिला नोडल अधिकारी होंगे जो तेल कंपनी से होंगे। दो सदस्य अन्य दो तेल कंपनियों के अधिकारी होंगे।





