पीएमएवाई-शहरी डीपीआर प्रस्तावों में देरी पर कलेक्टर की नाराज़गी,सीएमओ को लगाई फटकार।
जांजगीर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत बीएलसी वर्टिकल में नए आवासों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने धीमी प्रगति पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) को फटकार लगाई है। और कलेक्टर ने बम्हनीडीह निकाय के सीएमओ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा..
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा..
कि राज्य शासन द्वारा भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के आधार पर जिले के सभी नगरीय निकायों को नया लक्ष्य आवंटित किया गया है, लेकिन कई निकायों में प्रस्ताव भेजने की गति अत्यंत धीमी है, जो गंभीर लापरवाही है। कलेक्टर महोबे ने सभी सीएमओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने लक्ष्य की तुरंत समीक्षा कर लंबित पात्र लाभार्थियों के आधार पर नई डीपीआर तैयार कराएं तथा जिला स्तरीय मूल्यांकन एवं मॉनिटरिंग समिति से अनुमोदन के उपरांत 25 नवंबर 2025 तक राज्य शासन को प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य शहरी गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, इसलिए समयसीमा का कठोरता से पालन किया जाना अनिवार्य है।
धीमी प्रगति पर कार्रवाई..
कलेक्टर महोबे ने बम्हनीडीह नगरीय निकाय में पीएमएवाई-शहरी के अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित सीएमओ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा है।उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ समय पर मिले और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





