
बिलासपुर। देश का सबसे बड़ा छठ घाट छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अरपा नदी पर बना है। तोरवा चौक से राजकिशोर नगर की ओर जाने वाले रास्ते में अरपा नदी पर तोरवा में यह छठ घाट स्थायी रूप से बनाया गया है। यह घाट करीब 7 एकड़ एरिया में फैला है, यहां एक साथ 50 हजार व्रती सूर्य को अर्घ्य दे सकते हैं, कुछ लोग तो यह भी दावा करते हैं कि एक लाख लोग एक साथ अर्घ्य दे सकते हैं इतनी क्षमता इस घाट की है।
बिलासपुर के तोरवा जैसा स्थायी और बड़ा घाट तो बिहार में भी नहीं है, जबकि इसी राज्य से छठ पर्व की शुरूआत हुई है।
छठ महापर्व 25 अक्टूबर को नहाए खाए के साथ शुरू हो गया। छठ अब केवल पूर्वांचल का नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के भी महत्वपूर्ण त्योहार में शामिल हो गया है, क्योंकि यहां भी छठ पूजा करने वालों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। सरकार ने इसबार इस पर्व के महत्व को देखते हुए छठ के दिन 27 अक्टूबर को छुट्टी घोषित कर दी है। अरपा के छठ घाट को आकर्षक लाइट से सजाया गया है, जिससे यहां का नजारा दिवाली जैसे हो गया है। इसके साथ ही चार दिनों तक पर्व की धूम रहेगी।
पिछले एक हफ्ते से चल रही तैयारी
तोरवा छठ घाट पर पाटलीपुत्र संस्कृति विकास मंच, भोजपुरी समाज और सहजानंद समाज के संयुक्त तत्वाधान में महापर्व पिछले 25 सालों से मनाया जा रहा है। महापर्व का इस साल सिल्वर जुबली वर्ष मनाया जा रहा है। इसे लेकर तोरवा छठ घाट में एक हफ्ते से तैयारी चल रही है। घाट की साफ-सफाई के बाद आकर्षक लाईटिंग की गई है। यह पर्व 25 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर तक चलेगा।
अरपा मइया की महाआरती, नहाय-खाय से पर्व की शुरुआत
इस बार 28 अक्टूबर को छठ पर्व का समापन होगा। पाटलीपुत्र विकास मंच की ओर से इस दिन शाम को 6 बजे अरपा मइया की महाआरती की जाएगी। चार दिनी इस उत्सव में रविवार 26 अक्टूबर को खरना और 27 अक्टूबर रविवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करेंगी।
दूसरे दिन 28 अक्टूबर की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पर्व का समापन होगा और व्रत की पारणा की जाएगी। सूर्य आराधना के इस पर्व में सूर्य देव की पूजा-अर्चना कर छठी मइया की भी पूजा की जाती है।
आकर्षक लाइट से सजा अरपा तट
छठ पर्व के दौरान आयोजन समिति की तरफ से तोरवा स्थित छठघाट में विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाट की साफ-सफाई से लेकर व्रती महिलाओं के लिए नदी किनारे बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर आकर्षक लाइट और आतिशबाजी की भी व्यवस्था की गई है। रंग-बिरंगे पटाखों की लड़ियों से आसमान में सतरंगी छटा बिखरेगी।





