रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में करीब डेढ़ दर्जन ठिकानों पर दबिश..
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में एंटी करप्शन ब्यूरो और ईओडब्ल्यू की टीमों ने छापेमारी की है। आबकारी और डीएमएफ से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाते हुए टीमों ने रविवार की सुबह करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
रायपुर में लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के निवास पर भी कार्रवाई जारी है। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। जहां अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं।
वहीं धमतरी की पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के घर भी जांच जारी है। केतन दोषी के महालक्ष्मी ग्रीस स्थित घर में जांच चल रही है। वे रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं।
इसके अलावा सरगुजा में EOW-ACB की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर रेड की। टीम यहां वित्तीय लेन-देन और विभागीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। कोणार्क जैन वर्ष 2019-20 में DMF सप्लाई कार्यों से जुड़े रहे थे। टीम यहां दस्तावेजों और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
एक माह पहले भी डीएमएफ घोटाले की जांच करने पहुंची थी टीम
इससे पहले 29 अक्टूबर को डीएमएफ घोटाले से जुड़े सप्लायरों के 14 ठिकानों पर एंटी करप्शन ब्यूरो और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीमों ने छापेमारी की थी। रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में अशोक और अमित कोठारी के घर टीम ने रेड की थी। इनका कारोबार कृषि कच्चा माल, खाद्य पदार्थ से जुड़ा है।
वहीं, राजनांदगांव शहर के भारत माता चौक स्थित राधा कृष्ण एजेंसी अग्रवाल के निवास, नहटा और भंसाली के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई थी।






