धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले सीधे जाएंगे जेल – कलेक्टर अमृत विकास तोपनो
सक्ती। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कड़ी और निर्णायक कार्यवाहियां की जा रही है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के स्पष्ट एवं कठोर निर्देश पर धान उपार्जन केंद्र पुटीडीह में गंभीर अनियमितता पाए जाने के बाद वहां के धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा गठित जांच दल की विस्तृत जांच प्रतिवेदन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि धान खरीदी प्रभारी श्री प्रकाश महंत द्वारा धान खरीदी नीति 2025–26 का घोर उल्लंघन करते हुए केंद्र के धान स्टॉक में 9426 बोरी धान की गंभीर कमी की गई है।
यह कमी कुल 3770.40 क्विंटल धान की है, जिसकी बाजार कीमत 89,32,077.60 रूपए (अक्षरों में नवासी लाख बत्तीस हजार सतहत्तर रुपये साठ पैसे) आंकी गई है। जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय अनियमितता, शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला और समिति की साख को धूमिल करने वाला कृत्य है।
जांच में यह भी सामने आया कि खरीदी प्रभारी द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, नियमों की अवहेलना और गंभीर अनियमितता की गई है। इन तथ्यों के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराए जाने का आदेश दिए गए है।
कलेक्टर का सख्त संदेश — अब सीधे जेल का रास्ता
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि शासन की धान खरीदी नीति किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या हेराफेरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि चाहे कोई अधिकारी हो या कर्मचारी, यदि धान खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषी को सीधे जेल जाना पड़ेगा। जिले में प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।
नोडल अधिकारियों, एसडीएम, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर दिन-रात औचक निरीक्षण कर रहे हैं। विशेष रूप से रात के समय भी धान खरीदी से संबंधित अवैध गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसानों के हक से किसी भी स्तर पर खिलवाड़ न हो सके।
पुटीडीह उपार्जन केंद्र में की गई यह कार्रवाई जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए कड़ा और स्पष्ट संदेश है कि अब अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार की कीमत सीधे एफआईआर, कानूनी कार्रवाई और जेल के रूप में चुकानी होगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं, केवल कार्यवाही होगी।





