रायगढ़ l शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ की अधोसंरचना, शोध, नवाचार व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में कुलाधिपति एवं राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन स्वरुप महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहें है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं वर्तमान प्रशासनिक दक्षता ने अल्प समय में ही विश्वविद्यालय को नई दिशा प्रदान की है। विश्वविद्यालय के द्वारा विकसित भारत व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य को अंगीकार करते हुये विश्वविद्यालय के सर्वागीण विकास हेतु पुरजोर प्रयास किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय अधिनियम धारा 12 (बी) में पंजीकृत करने एवं विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन की अनिवार्यतः हेतु विश्वविद्यालय का स्वयं का परिसर होना अति आवश्यक है, जिसके लिए विश्वविद्यालय के दीर्घकालीन विकास एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय स्वयं के परिसर निर्माण हेतु भूमि चिन्हाकन की प्रक्रिया जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी आवश्यक शासकीय औपचारिकतायें पूर्ण करने की दिशा में प्रयासरत् है। इस कार्य में जिला प्रशासन, राज्य सरकार एवं विशेष रूप प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का विश्वविद्यालय को पूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
वर्तमान में इस शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश अधिसूचना जारी कर विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया, पारदर्शी मेरिट प्रणाली एवं समयबद्ध प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सरल, पारदर्शी एवं सुगम शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में छात्रहित को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की शैक्षणिक, व प्रवेश संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एडमिशन हेल्प डेस्क सेवा प्रारंभ किए जाने से विद्यार्थियों को समय पर मार्गदर्शन एवं सहायता दूरभाष (मोबाईल नम्बर-8827090904) के माध्यम से उपलब्ध होगी। विश्वविद्यालय के कुलपति ने समस्त संबध्द महाविद्यालयों के प्राचायों से अपेक्षा की है कि वे महाविद्यालय में छात्र कल्याण एवं प्रवेश संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु महाविद्यालय में एडमिशन हेल्पडेस्क सेवा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रारंभ करे । विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (यू.टी.डी.) की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं, जिससे गुणवत्तापरक शिक्षा एवं विश्वविद्यालय स्तर पर प्रत्यक्ष शिक्षण व्यवस्था प्रारंभ हो सकेगी। इससे विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में अध्ययन एवं अनुसंधान के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
शोध गतिविधियों को नया आयाम देने हेतु विश्वविद्यालय में शीघ्र ही पीएच. डी. प्रवेश परीक्षा एवं शोध संबंधित प्रक्रियाओं को प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के द्वारा महाविद्यालयों में क्षेत्रीय, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कान्फेन्श व सेमीनार के आयोजन हेतु वित्तीय सहायता दिये जाने का निर्णय कार्यपरिषद ने लिया है। जिससे विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शोधार्थियों को बेहतर शोध के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा एक बहुविषयक रिसर्च जर्नल भारतीय शोध बोध के प्रकाशन की प्रकिया भी चल रही है।
विश्वविद्यालय युवाओं के शैक्षणिक करियर एवं कौशल विकास के लिए कृतसंकल्पित है विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में युवा शक्ति को नई दिशा देने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं का कौशल विकास केन्द्र जो कि दीनदयाल उपाध्याय ट्राईबल स्किल एण्ड इंटरप्रेन्योरशीप डेवलमेंट सेंटर के नाम से प्रारंभ किये जाने का प्रस्ताव है। जिसके माध्यम से युवाओं प्रेरणा स्त्रोत माननीय वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी के कौशल विकास संबंधी सोच को नई दिशा प्रदान करते हुए उन्हें स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षित करने का कार्य किया जायेगा।
विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास तथा शोध एवं नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र केंद्रित नीतियों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रो. विनय चौहान, कुलपति, शहीद नदंकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़





