- अब 11 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे फॉर्म..
आयोग ने पूर्व शेड्यूल को निरस्त करते हुए नया कैलेंडर लागू किया है।
समय बढ़ने से होगा फायदा..
- जिन लोगों को अपना नाम जोड़ना, हटवाना या सुधार करवाना है, उन्हें अब एक हफ्ता अतिरिक्त समय मिल गया है..
- BLO और ERO को भी फील्ड वेरिफिकेशन और डेटा अपडेट करने के लिए अधिक समय मिलेगा..
बता दें कि इसके पहले SIR की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तय थी, लेकिन केवल चार दिन ही शेष थे। कई जिलों से फील्ड स्टाफ और BLO द्वारा समय की कमी की रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग ने यह बड़ा निर्णय लिया। अब अंतिम तिथि 11 दिसंबर कर दी गई है। इसके साथ ही घर-घर सत्यापन, बूथों के पुनर्गठन, ड्राफ्ट रोल तैयार करने और क्लेम-ऑब्जेक्शन जैसे सभी चरण अब संशोधित तिथियों के अनुसार पूरे होंगे।
अब पढ़े SIR का नया शेड्यूल..
- एन्यूमरेशन पीरियड (घर-घर सत्यापन): 11 दिसंबर 2025 तक..
- मतदान केंद्रों का पुनर्गठन: 11 दिसंबर 2025 तक..
- ड्राफ्ट रोल तैयारी: 12 से 15 दिसंबर 2025..
- ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशन: 16 दिसंबर 2025..
- क्लेम-ऑब्जेक्शन अवधि: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026..
- नोटिस, सुनवाई और सत्यापन: 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक..

- एसआईआर प्रक्रिया करते हुए बीएलओ..


पढ़े SIR
ये चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इससे वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है।
इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। 6 वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
- SIR
का मकसद..
छत्तीसगढ़ में कितने प्रतिशत SIR की प्रक्रिया हो चुकी पढ़े..
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 10 लाख 68 हजार 201 मुद्रित गणना फॉर्म है। इनमें से 99.61 प्रतिशत फॉर्म का वितरण हो चुका है। इनमें से 1 करोड़ 77 लाख 38 हजार 68 यानि 83.55 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए जा चुके है।
50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं की हो रही SIR
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख 84 हजार 423 वोटर्स में से 50 करोड़ 54 लाख 82 हजार 771 मतदाताओं को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं।
इनमें से चार करोड़ 28 करोड़ 71 लाख 68 हजार 921 मतदाताओं की गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है जो कुल मतदाता संख्या का 56.34 प्रतिशत है। सभी 12 राज्यों में गणना पत्रक वितरण का प्रतिशत 99.16 है।
गणना पत्रक..
चुनाव आयोग के आदेश पर प्रदेश के सभी जिलों में गणना पत्रक बांटे जाने का काम बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ जो गणना पत्रक बांट रहे हैं, उसमें तय फार्मेट में चुनाव आयोग मतदाताओं का वेरिफिकेशन करा रहा है।
इसमें 2003 में हुई एसआईआर के आधार पर वर्तमान मतदाता के माता-पिता, परिजनों, रिश्तेदारों की मतदाता सूची संख्या के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर शिफ्ट हुए, मृत हो चुके मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को फाइनल किया जाएगा।
- अब पढ़े किस राज्य में कितना प्रतिशत काम हुआ..
| स्थान | राज्य | डिजिटाइज किए गए गणना फॉर्म |
| 1. | लक्ष्यद्वीप | 100 |
| 2. | गोवा | 95.17 |
| 3. | राजस्थान | 92.66 |
| 4. | पश्चिम बंगाल | 91.77 |
| 5. | मध्य प्रदेश | 89.90 |
| 6. | पुदुचेरी | 87.87 |
| 7. | गुजरात | 85.02 |
| 8. | छत्तीसगढ़ | 83.55 |
| 9. | तमिलनाडु | 81.48 |
| 10. | अंडमान और निकोबार | 80.28 |
| 11. | केरल | 73.02 |
| 12. | उत्तर प्रदेश | 60.91 |





