तिमाही और छमाही परीक्षा से चूके तो हो सकते हैं फेल क्योंकि इसके 40 और 30% अंक जुड़ेंगे वार्षिक परीक्षा में

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सरकार का निर्णय दावा कि इससे शिक्षा गुणवत्ता में आएगा सुधार

जांजगीर। तिमाही और छमाही परीक्षा को हल्के में लेने वाले पालकों व विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अभी तक इन दोनों परीक्षाओं को केवल यह माना जाता था कि इस अवधि में विद्यार्थियों की पढ़ाई कितनी हुई है उसका स्तर परखा जा रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग ने इन दोनों परीक्षाओं के महत्व को बहुत बढ़ा दिया है। ऐसा भी हो सकता है कि इन दोनों परीक्षाओं को हल्के में लेकर नहीं देने वाले विद्यार्थी फेल भी हो जाएं क्योंकि वर्तमान शिक्षा सत्र से ही यह व्यवस्था लागू हो गई है कि अब इन कक्षाओं में तिमाही व छमाही परीक्षाओं में मिले अंकों का क्रमश: 20 –20 प्रतिशत और नवमी, ग्यारहवीं के छमाही में प्राप्त अंको का 30 प्रतिशत अंक वार्षिक परीक्षा में जोड़े जाएंगे।

ड्रॉप आउट की समस्या होगी कम

राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को फेल होने से ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रॉप आउट की समस्या बढ़ जाती है, इसे रोकने के लिए विद्यार्थियों को पास कराने के तरीके भी खोजे जा रहे हैं। इसी तारतम्य में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक नया बदलाव किया जा रहा है। यह बदलाव वर्तमान शिक्षा सत्र से ही लागू कर दिया गया है। अब चूंकि दोनों परीक्षाओं के अंक जोड़ने का निर्णय लिया गया है, इससे इन दोनों परीक्षाओं के प्रति गंभीरता बढ़ेगी और पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा।
तिमाही के 20% और छमाही 30% अंक अधिभार के रूप में जोड़ेंगे
0 कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी में तिमाही व छमाही परीक्षा में प्रत्येक विषय में प्राप्त अंकों का 20-20 प्रतिशत अधिभार के रूप में जोड़ा जाएगा। यानी तिमाही-छमाही का 20-20 प्रतिशत और वार्षिक का 60 प्रतिशत मिलाकर ही रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
0 कक्षा 5वीं एवं 8वीं की वार्षिक परीक्षा में छमाही परीक्षा के प्रत्येक विषय में प्राप्त अंकों का 30 फीसदी अधिभार के रूप में जोड़ा जाएगा। यानी छमाही का 30 फीसदी एवं वार्षिक का 70 फीसदी मिलाकर परीक्षाफल तैयार किया जाएगा।

कक्षा में पढ़ाई करते प्राइमरी स्कूल के बच्चे

शिक्षा विभाग के उप सचिव नीलम टोप्पो ने 16 अक्टूबर को यह आदेश प्रदेश के सभी डीईओ को भेज दिया है। जिसमें शिक्षा विभाग ने कक्षा 9वीं एवं 11वीं के लिए भी छमाही परीक्षा के प्रत्येक विषय में प्राप्त अंकों का 30 फीसदी अधिभार के रूप में जोड़ने का निर्णय लिया है। लेकिन अभी इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा रहा है। इस बारे में माध्यमिक शिक्षा मंडल को पत्र लिखकर वहां से राय मांगी गई है। मंडल से सहमति मिलने के बाद ही 9वीं और 11वीं के लिए निर्णय लिया जाएगा। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारियों को भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

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