रायगढ़। परीक्षा प्रबंधन, प्रशासनिक दक्षता एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. तरुण धर दीवान को वर्ष 2025 के “उत्कृष्ट अधिकारी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्री तोख़ान साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी तथा विद्यापरिषद के सदस्यों द्वारा प्रदान किया गया। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर नियुक्ति के अवसर पर उन्हें सम्मान पत्र भी प्रदान किया गया।

डॉ. तरुण धर दीवान अपने शांत स्वभाव, प्रशासनिक दक्षता और परीक्षा प्रबंधन की गहरी समझ के लिए प्रदेशभर में एक अनुभवी एवं सक्रिय अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं। परीक्षा प्रबंधन में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें उच्च शिक्षा विभाग एवं राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी अनेक बार प्रशंसा प्राप्त हो चुकी है। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें तीन बार राज्य स्तरीय उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में भी डॉ. दीवान की उपलब्धियाँ उल्लेखनीय हैं। उनके नाम भारत सरकार के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, यूके एवं जर्मनी में पेटेंट ग्रांट दर्ज हैं। उन्हें यंग साइंटिस्ट्स एंड इनोवेशन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। नीति आयोग के मार्गदर्शन में तैयार किए गए उनके प्रोजेक्ट्स को प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति द्वारा भी पुरस्कृत किया जा चुका है।
डॉ. तरुणधर दीवान इससे पूर्व लगभग तीन वर्षों तक अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में परीक्षा नियंत्रक के महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं। इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने परीक्षा विभाग को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कई नवाचार लागू किए, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में देखने को मिले। परीक्षा संचालन, उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन एवं समयबद्ध परिणाम घोषणा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।
जब अन्य विश्वविद्यालय परिणामों में विलंब को लेकर आलोचना का सामना कर रहे थे, उस समय डॉ. दीवान की कार्ययोजना एवं सतत मॉनिटरिंग के चलते अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में परीक्षाएं समयबद्ध रूप से संपन्न हुईं और परिणाम भी निर्धारित समय सीमा में घोषित किए गए। इस व्यवस्था को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा “मॉडल प्रैक्टिस” के रूप में भी सराहा गया।
उनकी अनुसंधान क्षमता, अकादमिक दृष्टिकोण और परीक्षा प्रणाली की गहरी समझ उन्हें राज्य के चुनिंदा प्रभावशाली प्रशासकों की श्रेणी में स्थापित करती है। उनके द्वारा विकसित परीक्षा एवं मूल्यांकन से जुड़े कई प्रारूप आज भी विभिन्न विश्वविद्यालयों में उपयोग में लाए जा रहे हैं।
नव नियुक्त कुलसचिव के रूप में डॉ. तरुणधर दीवान से शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय को भी विशेष अपेक्षाएं हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उनके नेतृत्व में अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं सुचारू होंगी।
इस अवसर पर डॉ. दीवान ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय की सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं विभागीय समन्वय को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
डॉ. तरुणधर दीवान के कुलसचिव बनने से विश्वविद्यालय समुदाय में उत्साह का वातावरण है। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।





