- नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम कनाई का मामला..
जांजगीर। कनई गांव में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना हुई। घर की बाड़ी में मौजूद 30 साल पुराने कुएं ने दो मासूम बहनों जैसी चचेरी बहनों को निगल लिया। देखते ही देखते पूरा परिवार गम में डूब गया।
छत्रप्रकाश और चंद्रप्रकाश सगे भाई हैं। उनके घर के बाड़ी में यह पुराना कुआं वर्षों से खुला पड़ा था। मंगलवार दोपहर छत्रप्रकाश की बेटी अस्मिता सूर्यवंशी और चंद्रप्रकाश की बेटी प्रिंसी सूर्यवंशी घर में खेल रही थीं। खेलते-खेलते दोनों बच्चियां बाड़ी की ओर निकल गईं। काफी देर तक घर में नजर न आने पर परिजनों ने उन्हें आसपास खोजा। बच्चियां नहीं मिलीं तो परिजन घबराते हुए बाड़ी की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों मासूम कुएं के अंदर पानी में तैरती मिलीं। चीख-पुकार मच गई। छत्रप्रकाश ने कुएं में उतरकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल ले जाने के लिए दौड़ पड़े। रास्ते भर दोनों माताएं अपनी बेटियों को सीने से लगाए फूट-फूटकर रोती रहीं। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब दोनों को मृत घोषित किया, तो माताएं वहीं धरती पर गिर पड़ीं। कभी बेसुध हो जातीं, तो कभी जोर-जोर से विलाप करने लगतीं। पूरे अस्पताल में मातम पसर गया।घटना की सूचना पर विधायक ब्यास कश्यप, तहसीलदार, पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे। दोनों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

दो मासूम जिन्दगियां खो गईं..
अस्मिता सूर्यवंशी (6 वर्ष) – पिता छत्रप्रकाश सूर्यवंशी। पिता ट्यूशन, चॉइस सेंटर चलाने के साथ खेती-किसानी का काम करते थे।
अस्मिता पहली कक्षा में पढ़ती थी।
प्रिंसी सूर्यवंशी (4 वर्ष) – पिता चंद्रप्रकाश सूर्यवंशी। पिता मिस्त्री का काम करते हैं। प्रिंसी केजी-1 में पढ़ती थी।
बच्चियों के चाचा हेम कुमार सूर्यवंशी ने बताया, “शाम करीब 5 बजे दोनों बच्चियां घर के बाहर खेल रही थीं। खेलते-खेलते वे घर के पीछे स्थित बाड़ी में बने 25–30 साल पुराने कुएं के पास पहुंच गईं और इसी दौरान कुएं में गिर गईं। काफी देर तक दोनों दिखाई नहीं दीं, तो हम लोग उन्हें खोजने लगे। जब हम घर के पीछे कुएं की ओर गए, तो दोनों बच्चियों के शव पानी में दिखाई दिए। तब तक उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।





