जांजगीर।
कुछ दिन पहले मड़वा पॉवर प्लांट क्षेत्र में तेन्दुआ दिखा था । मामले की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुआ था. जिसके बाद वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही थी। पिछले चार दिनो से इस क्षेत्र या इसके आस-पास के किसी भी भाग में तेन्दुए की उपस्थिति नहीं पाई गई है। लेकिन लोगों के बीच अफ़वाह है कि तेंदुआ बीच-बीच में देखा जा रहा है। वन विभाग ने लोगों से अलर्ट रहने को कहा है। हालांकि यह संभावना भी वन विभाग ने जताया है कि उक्त वन्यप्राणी अब अपने प्राकृतिक आवास, अर्थात अन्य क्षेत्र की ओर वापस लौट गया होगा।
● वन विभाग नागरिकों से की अपील..
तेंदुआ दिखने के बाद वन विभाग ने लोगों से अपील किया है कि वे भयभीत न हों, परन्तु सतर्क अवश्य रहें। विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा आस-पास के ग्रामों में मुनादी एवं जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षा एवं सतर्कता के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
जनता से अनुरोध….
● अपने बच्चों एवं वृध्द्धजनों को प्रातः एवं सायंकाल के समय अकेले बाहर न जाने दें।
● खेतों या खुले स्थानों पर रात में अकेले न रहें।
● पशुपालक अपने पशुधन को रात्रि के समय सुरक्षित बाड़ो में रखें।
वन विभाग ने सूचना व सहायता के लिए जारी किया नम्बर…वन विभाग ने कहा है कि यदि किसी स्थान पर तेन्दुए या किसी अन्य वन्यप्राणी की उपस्थिति का आभास हो, तो तत्काल सूचना उड़दस्ता प्रभारी टेकराज सिदार (मो.नं. 8223813383) अथवा वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें।
तेंदुआ के पद चिह्नों को चिह्नांकित करते वन विभाग के कर्मचारी..
निरंतर हो रहा निगरानी व गश्त….
वन विभाग क्षेत्र में निरंतर गश्त, निगरानी एवं जन-जागरूकता गतिविधियों संचालित कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना न रहे। नागरिको से अपेक्षा की जाती है कि ये शांत रहे, अफवाहों पर ध्यान न दें, तथा विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। वन्यजीव हमारे पर्यावरण की अमूल्य धरोहर है इनके साथ सह-अस्तित्व का भाव बनाए रखना ही वास्तविक संरक्षण है।
विभाग यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि….
किसी भी व्यक्ति द्वारा वन्यजीव को हानि पहुंचाने, चिढ़ाने, डराने, जाल बिछाने, करंट प्रवाहित करने, या किसी अन्य प्रकार की अवैध गतिविधि करने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत् कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। तेन्दुआ अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित वन्यप्राणी है, जिसकी रक्षा और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।





