कांगेर घाटी में मिली अनोखी “ग्रीन गुफा”

InShot_20260126_232501929
InShot_20260126_080040157
IMG-20260126-WA0005
  • जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।

ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।

घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

Latest

अवैध उत्खनन व परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई

एक सप्ताह में 27 वाहन जब्त, विभिन्न थानों में सुपुर्द कलेक्टर के निर्देश पर सतत कार्रवाई, दोषियों पर विधिसम्मत प्रकरण दर्ज रायगढ़। जिले में...
Raigarh
0
minutes

ओवरटेक करने के प्रयास में भिड़े हाइवा और ट्रेलर, लगी आग...

  रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में बड़ी घटना घटित हुई है। जिसमें एक हाईवा और ट्रैलर के बीच जमकर भिडंत हो गई। इससे केबिन...
Raigarh
0
minutes

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोनाईडीह में हुआ विज्ञान मेला का आयोजन

  चांपा । शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोनाईडीह में विज्ञान मेला का आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत, बीआरसी हीरेंद्र बेहार, संकुल प्राचार्य बसंत चतुर्वेदी,संकुल...
Janjgir - Champa
0
minutes

जिले के 1,18,927 किसानों के खातो में पहुंची 450 करोड़ 85...

जिले के सभी विकासखंडों में वृहद किसान सम्मेलन का हुआ आयोजन जांजगीर-चांपा । होली पर्व से पहले प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात देते...
Janjgir - Champa
0
minutes
error: Content is protected !!