- नशे ने ली दो जान, मोड़ पर स्टीयरिंग घुमाते ही 90 डिग्री मुड़कर कार दूसरे लेन पर हाइवा से टकराई
बिलासपुर।
नूतन चौक पर गुरुवार रात हुए कार हादसे में जीजीयू की छात्रा की मौके पर मौत हो गई। गंभीर रूप से
घायल दूसरे युवक ने शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं तीसरे को सिम्स से अपोलो रेफर किया गया है। कार सवार चौथा युवक अभी पुलिस हिरासत में है। उसने पुलिस को बताया कि नूतन चौक मोड़ पर कार सड़क | से उतरने वाली थी। इसलिए उसने स्टीयरिंग घुमाई तो कार 90 डिग्री तक मुड़कर सीधे दूसरे लेन के बीच खड़ी होते ही हाइवा से टकरा गई। कार चला रहे युवक के बयान के बाद पुलिस घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही दोनों मृतक जांजगीर चाम्पा जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस यह मान रही है कि हादसा नशे में रश ड्राइविंग के कारण हुआ। मामले में पुलिस ने कार चला रहे युवक को हिरासत में रखा है।

पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब कर रही थी
अंशु चंद्रा ( 24 ) जांजगीर जिले के लखाली गांव की रहने वाली थी। अंशु बिलासपुर के कोनी स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एमएससी की छात्रा थी। वह अशोकनगर में पीजी में रहती थीं। वह पढ़ाई के साथ ही ऑक्सीडेशन कोचिंग क्लास में पार्ट टाइम रिसेप्शनिस्ट की जॉब भी कर रही थी।

रांग साइड में जाकर हाइवा से टकराने के बाद बीच सड़क पर खड़ी कार
कार नीरज की थी, खुद नशे में चला रहा था कोरबा निवासी नीरज द्विवेदी श्री राम फायनेंस में काम करता है। उसने पुलिस को अपने बयान में बताया कि
दोस्तों से मिलने गुरुवार शाम साढ़े 4 बजे वह कोरबा से बिलासपुर पहुंचा था। सबसे पहले वह अशोक नगर स्थित हिमांशु के घर गया। वहां आनंद से मिला। रास्ते में तीनों ने अंशु को अशोक नगर के चौराहे से कार में बैठाया। इसके बाद चारों घूमने निकल गए। थोड़ी देर बाद चारों फिर से हिमांशु के घर पहुंचे। यहां दोस्तों के साथ उसने भी शराब पी रात में चारों कार से होटल जाने के लिए निकले।
तीन बहनों का इकलौता भाई था हिमांशु
हादसे में जान गंवाने वाला हिमांशु राठौर जांजगीर जिले के चांपा तहसील रोड निवासी था। उसने एयू से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन की पढ़ाई की हुई थी। उसके पिता देवी दयाल राठौर सीएसईबी से रिटायर्ड है। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। उसके माता-पिता काफी उम्रदराज हैं। वह अशोक नगर में पीजी में रहता था।
होटल के कमरे में प्रवेश की अनुमति नहीं
होटल के 302 नंबर कमरे में रुके थे रात में अंशु को अस्पताल लेकर पहुंचे युवकों को उसकी जेब से एक होटल का कार्ड मिला था। उन्होंने कार्ड पुलिस को सौंपा। पुलिस ने होटल कॉल किया तो पता चला कि अंशु चंद्रा, आनंद चंद्रा व उसके दोस्त होटल के कमरा नंबर 302 में रुके थे। पुलिस ने होटल संचालक को उनके कमरे में बिना अनुमति प्रवेश न करने के निर्देश दिए हैं।





