- सारंगढ़ में आयोजित प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा – एक गलत समाचार किसी के सम्मान को खत्म कर देता है इसलिए सच्ची जानकारी के बाद ही खबर प्रकाशित करें

सारंगढ़ -बिलाईगढ़। उप मुख्यमंत्री सह लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव रविवार को सारंगढ़ के गुरु घासीदास पुष्प वाटिका में प्रदेश स्तरीय पत्रकारों की कार्यशाला में शामिल हुए। इस दौरान आयोजक पत्रकारगणों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने जैतखाम का पूजा अर्चना किया। राजकीय गीत अरपा पैरी के धार से कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया और शहीद पत्रकारों को श्रदांजलि अर्पित किया गया। इसके बाद सोनिया चौहान इंटरनेशनल कराते विजेता, पुलिस निरीक्षक टीकाराम खटकर, राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मानित सुनीता यादव और प्रियंका गोस्वामी आदि को सारंग रत्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजकों ने उप मुख्यमंत्री से पत्रकार सुरक्षा कानून को सुधार कर लागू करने का आह्वान किया।
पत्रकारों को नसीहत : समाचार के तह तक जाने के बाद, सच्ची जानकारी भी प्रकाशित करें
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पत्रकारों के लिए कार्यशाला का आयोजन इसलिए आवश्यक है कि जब सभी पत्रकारिता का कोर्स न कर सके तो वह इस कार्यशाला से सीखेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ता है। आजादी के पहले, हमारा बड़ा और सबसे पुराना लोकतंत्र है। चौथे स्तंभ के रूप में आप बड़े से बड़े व्यक्ति से प्रश्न पूछ सकते हैं। सबसे प्रश्न पूछने का अधिकार है यह हमारे लोकतंत्र की खूबी है। यही हमारी ताकत है। आप लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं। पत्रकारिता इतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा पत्रकारिता जगत में तेजी से बदलाव आया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जमाना में पत्रकार के सामने लगातार चुनौती बढ़ती जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया में पहले पोस्ट के होड़ के संबंध में कहा कि, इज्जत कमाने में वर्षों लग जाते हैं वहीं एक गलत समाचार, किसी के बारे में किसी व्यक्ति के चरित्र के संबंध में उसके पूरे सम्मान को खत्म कर देता है। इसलिए समाचार के तह तक जाने के बाद, सच्ची जानकारी का उजागर करें।

पत्रकारों के लिए ज़रूरी विषयों का ज्ञान रखें
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वकील को जिस प्रकार से सभी विषयों का ज्ञान रखना पड़ता है। अपने मुकदमे की पैरवी के लिए। चोट, हत्या के लिए चिकित्सा का ज्ञान नहीं होगा, भवन निर्माण के लिए इंजीनियरिंग की जानकारी नहीं होगी तो भवन के मामले में ऐसे मामलों की पैरवी भी नहीं कर सकते।
प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी, उनके कार्यशैली की जानकारी यह सब जरुरी होता है। ठीक वैसे ही जरूरत होता है पत्रकारों के लिए। अच्छी पत्रकारिता करना है तो वृहद ज्ञान की आवश्यकता है, सारे सिस्टम, पद्धति, इलाज इंजीनियरिंग, मूल्यांकन यदि सबका ज्ञान होना चाहिए तभी आप अच्छी पत्रकारिता कर सकते हैं।





