- साइबर सेल के पास यूपीआई नम्बर, जाँच किया कुछ खुलासे भी हुए, जिले के उच्चधिकारियों को जानकारी, फिर भी जाँच और कार्रवाई का अबतक पता नहीं
जांजगीर। जिले में 30 दिसम्बर को खबर प्रकाशित होने के बाद चर्चा में आये तीन आरक्षकों के द्वारा तीन युवकों से ऑनलाइन 2500 रुपये रिश्वत के मामले में पुलिस विभाग लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
रिश्वत से ज्यादा चर्चा इस बात की भी हो रही कि यदि पुलिस पर आरोप लगा है और यूपीआई के आधार पर साइबर ने जांच किया तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
लोगों का यह भी कहना है कि, उच्चधिकारियों को तत्काल जांच पूरा कर, जो दोषी पाए जाते हैं उनपर कार्रवाई करना चाहिए।
यदि आज इस मामले में कार्रवाई नही हुई तो विभाग में अन्य लोगों का भी मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है। क्योंकि विभागीय कार्रवाई के डर से ही टीम को अनुशासित रखा जा सकता है।
आई जी से होगी शिकायत
रिस्पांस टीम में शामिल तीन आरक्षकों द्वारा घूस की रकम पान दुकान संचालक किसी राठौर के upi के माध्यम से लिया गया है इसकी पुष्टि साइबर सेल द्वारा की गई जांच में हो चुकी है, इसके बाद भी स्थानीय अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, इसे देखते हुए पीड़ित युवकों द्वारा मामले की शिकायत आई जी बिलासपुर से करने की तैयारी की जा रही है।
- जानिए, क्या है मामला
तिलई के युवकों को धमकाकर फोन-पे से पैसा लेने वाले तीन आरक्षकों पर अभी तक नही हुई कार्रवाई





