
दिल्ली।
तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण से चिंतित दिल्ली सरकार दिल्ली में क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश तैयारी कर रही है। देश की राजधानी दिल्ली के चुनिंदा इलाकों में दिवाली के एक दिन बाद कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। मौसम विभाग अगले 2-3 दिनों में जब हरी झंडी देगा तो ब्लास्टिंग/स्प्रे के बाद क्लाउड सीडिंग का एक सैंपल लिया जाएगा।
राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 350 से पार हो गया है।
पीसीपीबी के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजे एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 367 दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 370 आनंद विहार में रहा, वजीरपुर में 328, जहांगीरपुरी में 324 और अक्षरधाम में 369 रहा।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू किया है। आयोग ने यह कार्रवाई क्षेत्र में एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स के 211 तक पहुंचने के बाद की गई।
एक्यू आई के किस लेबल को माना जाता है कितना ख़राब
स्टेज I ‘खराब’ (एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 201-300)
स्टेज II ‘बहुत खराब’ (एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 301-400)
स्टेज III’गंभीर’ (एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 401-450)
स्टेज IV ‘गंभीर प्लस’ (एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स >450)
ग्रेप -I लागू, N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह
ग्रेप -I तब सक्रिय होता है जब एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 200 से 300 के बीच होता है। इसके तहत, एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियों को 27 निवारक उपायों को सख्ती से लागू किया जाना है।
इनमें एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, पानी का छिड़काव, सड़क निर्माण, मरम्मत परियोजनाओं और रखरखाव गतिविधियों में धूल नियंत्रण करना शामिल हैं।
गाजियाबाद के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है।
प्रदूषण की वजह पराली जलाना, इसे रोकने कानून भी बना
उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण बढ़ने की रफ्तार भी तेज होने लगती है। दिल्ली के सबसे नजदीक हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ) ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे किसानों को पराली का सफाया करने में परेशानी होने लगी।
केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम 2021 के तहत पराली जलाने पर नियम लागू किए। इसके मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। 2 से 5 एकड़ जमीन पर 10,000 रुपए और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगता है।
आपकी जानकारी के लिए
1951 में कराई गई थी पहली कृत्रिम बारिश
0 देश में सबसे पहले 1951 में टाटा फर्म ने पहली बार कृत्रिम बारिश कराई थी
0 1952 में क्लेमटोलोजिस्ट सीके बनर्जी ने हाइद्रोजन से भरे गुब्बारे छोड़ कर क्लाउड सीडिंग का प्रयोग किया
01957-66 के दौरान टेन एंड क्लाउड फिजिक्स रिसर्च ने उत्तर भारत मे इसका प्रयोग किया
01984 में 87 के बीच और 1994 के दौरान तमिलनाडु सरकार ने क्लाउड सीडिंग कराई
0 2003 में कर्नाटक सरकार ने क्लाउड सीडिंग से बारिश कराई
02004 में महाराष्ट्र सरकार ने अमेरिकी वेदर मॉडिफिकेशन कंपनी की मदद से बारिश कराई
02018 में इसे बूस्ट मिला ज़ब केंद्रीय पृथ्वी और विज्ञानं मंत्रालय ने इस क्षेत्र में निवेश करने का फैसला किया
02018 में सरकार ने इस पर रिसर्च के लिए 45 करोड़ और 2019 में 100करोड़ खर्च किए थे





