फसल चक्र परिवर्तन और प्राकृतिक खेती से होगा जल संरक्षण एवं किसानों की आय में वृद्धि – कलेक्टर

InShot_20260126_232501929
InShot_20260126_080040157
IMG-20260126-WA0005
  • कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर में कृषि क्षेत्र में कृषि यंत्रीकरण का उपयोग विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न..

जांजगीर/ कृषि क्षेत्र में यंत्रीकरण के बढ़ते उपयोग और किसानों की आय में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर-चांपा में कृषि क्षेत्र में कृषि यंत्रीकरण का उपयोग विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने किसानों से सीधे संवाद किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन विभाग फार्म मशीनरी एवं पावर अभियांत्रिकी, इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा किया गया तथा इसका प्रायोजन अनुसूचित जाति उप योजना एवं अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना फार्म कार्यान्वयन एवं मशीनरी, इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ गोकुल कुमार रावटे, उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत, सहायक संचालक उद्यानिकी रंजना माखिजा, वरिष्ट वैज्ञानिक डॉ केडी महंत, डॉ आरके नायक, अधिष्ठाता डॉ एपी अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा.. कि धान के साथ-साथ हमें अधिक लाभ दायक फसलों की ओर भी बढ़ना चाहिए जो कम पानी में अधिक लाभ दें। जैसे तिलहन, दलहन, और फूलों की खेती विशेष रूप से गेंदा फूल जैसी फसलें न केवल आय का नया स्रोत बन सकती हैं, बल्कि इनसे ग्रामीण महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल प्रणाली में विविधता लाएं, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों के साथ मिलकर संभावित वैकल्पिक फसलों जैसे तिल, सूरजमुखी, सरसों, चना, मसूर और गेंदा फूल जैसी व्यावसायिक फसलों के लिए क्षेत्रवार योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से किसानों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा और खरीदी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं ताकि वैकल्पिक फसलों के उत्पाद की उचित कीमत किसानों को मिल सके।

हमें जल-संरक्षण और प्राकृतिक खेती की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। प्राकृतिक खेती केवल खेती की तकनीक नहीं बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राकृतिक खेती के प्रसार हेतु निर्देश जारी किए गए हैं और किसानों को इस दिशा में प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में फार्म मशीनरी एवं पावर अभियांत्रिकी विभाग के वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि यंत्रों, ट्रैक्टर आधारित उपकरणों और फसल कटाई की नवीन विधियों की जानकारी दी। उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञों ने इंटरक्रॉपिंग तकनीक पर विस्तार से बताया कि कैसे तेल पाम, सब्ज़ी एवं गेंदा फूल जैसी फसलों को मिश्रित रूप से लेकर भूमि की उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है। अंत में कलेक्टर श्री महोबे ने किसानों से कहा कि किसानों की प्रगति ही जिले की प्रगति है। प्रशासन हमेशा किसानों के साथ है, और यदि किसी भी प्रकार की तकनीकी या योजनागत सहायता की आवश्यकता हो, तो जिला प्रशासन तत्पर रहेगा।


फोटो : निरीक्षण कर निर्देश देते कलेक्टर

Latest

होली सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाने का पर्व है : मुख्यमंत्री विष्णु...

रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” मुख्यमंत्री हुए शामिल रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन...
Chhattisgarh
0
minutes

हरिलीला चेरिटेबल ट्रस्ट ने सबरियाडेरा के बच्चों संग मनाई होली, खुशियों...

जांजगीर। होली के पावन अवसर पर अंचल की सुप्रसिद्ध समाजसेवी संस्था हरिलीला चेरिटेबल ट्रस्ट (बनारी, जांजगीर-नैला) ने अपनी परंपरा का निर्वहन करते हुए गुरुवार...
Janjgir - Champa
0
minutes

छत्तीसगढ़ में 6 थानों को सरकार ने दिया विशेष दर्जा :...

छत्तीसगढ़ में 6 थानों को सरकार ने दिया विशेष दर्जा : कर सकेंगे अजा, अजजा एक्ट मामलों की जांच सरकार ने राजपत्र में प्रकाशित कर...
Chhattisgarh
0
minutes

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल में होली को लेकर मेडिकल स्टाफ...

रायगढ़। होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए, स्व. लखीराम अगव्राल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय...
Raigarh
0
minutes
error: Content is protected !!