बिहार| मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 दिसंबर को जॉइनिंग लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान नुसरत का हिजाब हल्का सरका दिया था। तब से ये मामला तूल पकड़ रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ चार राज्यों.. बेंगलुरु, लखनऊ, झारखंड की राजधानी रांची और श्रीनगर में शिकायत दर्ज कराई गई है। रांची के इटकी थाने में सामाजिक कार्यकर्ता मो. मुर्तजा आलम ने लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, सोमवार 15 दिसंबर को CM नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक महिला डॉक्टर नुसरत को पहले तो नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके बाद उसे देखने लगे। महिला भी मुख्यमंत्री को देखकर मुस्कुराई। CM ने हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा कि ये क्या है जी। महिला ने जवाब दिया, हिजाब है सर।
CM ने कहा कि हटाइए इसे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथ से महिला का हिजाब हटा दिया। इस दौरान डिप्टी CM सम्राट चौधरी नीतीश कुमार को रोकने के प्रयास में नजर आए। हिजाब हटाने से महिला थोड़ी देर के लिए असहज हो गई। अधिकारियों ने महिला को नियुक्ति पत्र फिर थमाया और जाने का इशारा किया। महिला फिर वहां से चली गई।
मुस्लिम महिला डॉ. नुसरत परवीन के हिजाब खींचे जाने पर एक ओर जहां बिहार में राजनीति गरमाई हुई है। वहीं डॉ. नुसरत परवीन की CM नीतीश कुमार से कोई नाराजगी नहीं हैं। राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो.डॉ. मोहम्मद महफजुर रहमान ने नौकरी न जॉइन करने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, ‘डॉ. नुसरत परवीन की उसकी दोस्त से बात हुई है। उसने कहा है कि वो मुख्यमंत्री से नाराज नहीं है। कल 20 दिसंबर को नौकरी जॉइन करेगी।
डॉ. नुसरत परवीन 4 दिन से कॉलेज नहीं आईं
कॉलेज में पढ़ाने वाले उसके एक टीचर ने बताया नुसरत पढ़ने में काफी होशियार है और रेगुलर कॉलेज आ रही थी। आज तक कॉलेज में किसी ने उसका चेहरा नहीं देखा। पिछले करीब सात साल से वह हिजाब में ही कॉलेज आ रही है। उसने यहीं से यूजी किया और अब पीजी कर रही है। अभी उसका एक साल बाकी है। जब उसे ज्वॉइनिंग से जुड़ा मैसेज मिला, तो वो बेहद खुश थी। अपने भविष्य को लेकर उसके कई सपने थे, लेकिन इस घटना के बाद से वह थोड़ा आहत है। 4 दिन से कॉलेज नहीं आई है।
पटना के कदमकुआं इलाके में ‘राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल’ यूनानी चिकित्सा शिक्षा और इलाज का एक प्रमुख सेंटर है। यहां वर्षों से छात्रों को यूनानी पद्धति से पढ़ाई करवाई जा रही है। यहां (BUMS) बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी की पढ़ाई होती है। कॉलेज से जुड़े अस्पताल में आम लोगों का इलाज होता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। नुसरत यहीं से अपना पीजी कंप्लीट कर रही है। उसका अभी एक साल बाकी है। अस्पताल में ओपीडी और भर्ती की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां सस्ते रेट पर इलाज किया जाता है, नुसरत अपनी पढ़ाई के साथ यहीं प्रैक्टिस भी कर रही है।

शिकायत में कहा गया है कि यह मामला अब निजी नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है। धार्मिक पोशाक के साथ सार्वजनिक मंच पर किया गया ऐसा व्यवहार आपत्तिजनक है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग थाने में समाजवादी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता और मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने भी मुख्यमंत्री नीतीश के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने इस मामले में यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद को भी कटघरे में खड़ा किया है।
सुमैया राणा का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर किसी महिला का हिजाब खींचना बेहद शर्मनाक है और इससे मुख्यमंत्री की सोच उजागर होती है। वहीं, संजय निषाद के बयान को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई और उसे असंवेदनशील बताया।
नुसरत के साथ पढ़ने वाली फाइनल ईयर की एक लड़की ने कहा, उस दिन जो हुआ वो अच्छा नहीं था। नुसरत खुद काफी असहज हो गई थी, उसके बाद से वो कॉलेज नहीं आई है। शायद अपने परिवार के साथ ही होगी। किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को किसी की निजता पर सवाल नहीं खड़े करने चाहिए। हिजाब पहनना हमारा कल्चर है, वो कभी बिना हिजाब के कॉलेज नहीं आई, इसीलिए वह ज्वाइनिंग लेटर लेने भी हिजाब में ही गई थी।





