जांजगीर। M.L.T. कॉम्प्लेक्स, जांजगीर में 14 जनवरी को “गेम जोन” की ग्रेंड ओपनिंग किया गया।
“गेम जोन” के संचालक राम तिवारी द्वारा यह शुरुआत मनोरंजन के साथ ही लोगों के ज्ञान व बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने और तनाव मुक्त माहौल में लोगों को इंटरटेनमेंट का साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया है।
“चीफ गेस्ट” बनी 5 माह की “ईशा शर्मा”
हमारे समाज में भारतीय परंपरा विशेष कर हमारे छत्तीसगढ़ की “ममा – भांचा के मान- दान रिवाज” को विशेष बढ़ावा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पांच माह की ईशा शर्मा ‘गेम जोन’ के संचालक राम तिवारी की भांजी हैं, राम ने अपनी भांजी ईशा शर्मा को अपने ‘गेम जोन’ सेंटर की चीफ गेस्ट बना कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है। समाजिक स्तर पर इस कार्यक्रम ने लोगों में विशेष सीख व छाप छोड़ी है।
राम तिवारी का ”गेम जोन” है , बच्चों के लिए सेफ जोन
हमारे घर से जब भी बच्चे बाहर खेलने जाते हैं तो हम पेरेंट्स को चिंता लगी रहती है कि कही उनको चोट न लग जाये, कोई दुर्घटना के शिकार न हो जाये। जहाँ खेलने गए हैं वह जगह उनके लिए सेफ है कि नही। जिले में अक्सर असुरक्षित जगहों पर खेलना कितना खतरनाक होता है आपने समाचार के माध्यम से देखा सुना होगा शहर में भी पूर्व में कई घटनाएं हुई है।
ऐसे में आपको बतातें चलें कि MLT काम्प्लेक्स में संचालित “गेम जोन” पूरी तरह बच्चों के लिए सेफ है। यहाँ राम और उनकी टीम ने प्रत्येक लोगों के सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान रखा है । जिससे उनको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।
स्टूडेंट्स पढ़ाई के साथ ‘गेम जोन’ में भी समय दें, दिमाग रहेगा फ्रेश, पढ़ाई में लगेगा मन
अक्सर देखा जाता है कि स्कूल के लगातार क्लासेस और फिर ट्यूशन क्लासेस के बाद बच्चे बोर हो जाते हैं जिससे उनका मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता। ऐसे में बच्चे पढ़ाई के बीच कुछ समय ‘गेम’ मनोरंजन के लिए देकर भी अपना माइंड फ़्रेश कर सकते हैं। जिसके बाद फिर से वें अपनी पढ़ाई नई ताजगी और ऊर्जा से कर सकते हैं।
गेम बच्चों की सेहत के साथ-साथ पढ़ाई के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।
जी हां, नियमित रूप से खेलने पर बच्चों में स्किल डेवलेपमेंट देखने को मिलता है. जिससे न सिर्फ बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ने लगता है बल्कि बच्चे फिजिकली फिट रहने के साथ ही मानसिक रूप से भी स्ट्रांग रहते हैं।
बचपन में ज्यादातर बच्चे अपना काफी समय गेम खेलना या अन्य खेल-कूद में ही बिताना पसंद करते हैं. वहीं ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों को कम खेलने की सलाह देते नजर आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों के लिए खेलना (Playing) भी बहुत जरूरी है। खेलना बच्चों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है
⇒ आइये जानते हैं , ‘गेम’ (मनोरंजन) क्यों जरूरी है
- तनाव कम करता है: मनोरंजन से हमारा तनाव कम होता है और हम ताजगी महसूस करते हैं
- सकारात्मक सोच बढ़ाता है: मनोरंजन से हमारी सोच सकारात्मक होती है और हम जीवन को खुशी से देखते हैं
- संबंध मजबूत करता है: मनोरंजन के माध्यम से हम अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं और संबंध मजबूत कर सकते हैं
- स्वास्थ्य सुधारता है: मनोरंजन से हमारा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है।
- क्रियाशीलता बढ़ाता है: मनोरंजन से हम अपने शौक को पूरा कर सकते हैं और नई चीजें सीख सकते हैं
लोग आज डिप्रेशन, स्ट्रेस, एंजाइटी का शिकार होते जा रहें- राम तिवारी(संचालक ‘गेम जोन’)
राम तिवारी ने बताया कि गेम आज के हमारे इस बिजी लाइफ स्टाइल में अपनी एहम भूमिका निभा रही है।
जो लोग आज डिप्रेशन, स्ट्रेस, एंजाइटी का शिकार होते जा रहें हैं, उन्हें नेगेटिविटी से बाहर निकालने का सबसे सरल व सशक्त माध्यम “गेम” है।
अपनी ऊर्जा को बेहतर गति देना गेम से ही सिखा जाता है। चाहे ब्रेन डेवलपमेंट हो या फिर एंजॉयमेंट । वर्तमान में गेम मनोरंजन के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति ले कर आया है।
गेम जोन के संचालक राम तिवारी , देवाशीष तिवारी के पुत्र हैं। उन्होंने कहा कि आप सबसे से निवेदन है कि आप सब इस आनंदप्रद कार्य में सहयोगी बने और सदैव अपना मार्गदर्शन प्रदान करें। जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए हमें बेहतर से बेहतर पहल करने में आसानी हो।





