- PM नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को बधाई दी है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा –
नितिन नबीन ने मेहनती कार्यकर्ता के तौर पर अलग पहचान बनाई है। वे युवा और परिश्रमी नेता हैं, जिनके पास समृद्ध संगठनात्मक अनुभव है. बिहार में वे कई कार्यकालों तक विधायक और मंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की बधाई
बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, नबीन की उम्र 45 साल है, वे 2010 से बांकीपुर सीट से विधायक हैं। वे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। कल वे दिल्ली पहुंचेंगे, यहां भाजपा मुख्यालय में सुबह 11 बजे उनका स्वागत होगा. रविवार को भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के इस फैसले की जानकारी राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने दी।
गृह मंत्री अमित शाह नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव, बिहार प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी के तौर पर संगठन के हर दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाया है।केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर बधाई। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके नेतृत्व में संगठन नए आयाम स्थापित करेगा।
कांग्रेस बोली- प्रक्रिया नहीं अपनाई, AAP ने कहा ‘पर्ची सिस्टम’….नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा- इस नियुक्ति में कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और पार्टी के अधिकांश कार्यकर्ताओं की राय नहीं ली गई। आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ये ‘पर्ची सिस्टम’ है। भाजपा में अब पर्ची मंत्री, पर्ची मुख्यमंत्री और पर्ची राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं।
अध्यक्ष बनने के दावेदार
1.सुनील बंसल:सुनील बंसल के पास 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी और फिर 2017 में प्रभारी की जिम्मेदारी रहते हुए पार्टी को कामयाबी दिलाई। इसके अलावा ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी के रूप में मिली कामयाबी भी बड़ा प्लस पॉइंट है। सुनील बंसल को यूपी में बीजेपी का चाणक्य तक कहा गया है। संघ से नजदीकी के साथ-साथ संगठन में भी अच्छी पकड़ है।
2.शिवराज सिंह चौहान:शिवराज सिंह चौहान 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। 4 बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए लाडली बहना योजना शुरू की, जो विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई। ये योजना दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बन गई। 13 साल की उम्र में RSS से जुड़े और इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए। OBC कैटेगरी से हैं। 2005 में मध्य प्रदेश BJP के अध्यक्ष रहे हैं। RSS की लिस्ट में शिवराज सबसे ऊपर हैं।
3.धर्मेन्द्र प्रधान:वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के एक अनुभवी संगठनकर्ता हैं। ओडिशा से आते हैं, जहां बीजेपी अपनी पकड़ और भी ज्यादा मजबूत करना चाहती है। मोदी और शाह की टीम के भरोसेमंद सदस्य। 40 साल का राजनीतिक अनुभव, बड़े ओबीसी नेता है। 14 साल की उम्र में ABVP से जुड़े और 2010 में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बने। संगठन में मजबूत पकड़, 2 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा सदस्य बने।
4.रघुवर दास:रघुवर दास झारखंड के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने झारखंड में 5 साल का स्थिर शासन दिया, जो राज्य में पहली बार हुआ। उनकी जमीनी कार्यकर्ताओं और भाजपा संगठन में मजबूत पकड़ है। ओबीसी समुदाय से आने के कारण भाजपा को सामाजिक समीकरण में नई बढ़त मिल सकती है। उनकी वजह से पूर्वोत्तर में भाजपा को विस्तार मिल सकता है।
5.वानति श्रीनिवासन: वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में संगठनात्मक कार्यों में उनका अनुभव है। 1993 से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। तमिलनाडु में कोयंबटूर दक्षिण सीट से कमल हासन जैसे बड़े नेता को हराया था। तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पति श्रीनिवासन विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में परिवार संघ और बीजेपी के काफी करीबी हैं।
6.तमिलिसाई सौंदर्यराजन:1999 से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। राष्ट्रीय सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। तमिलनाडु में भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष (2014-2019) रह चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी नेताओं में गिनी जाती हैं। तमिलनाडु में भाजपा को विपक्ष में रहते हुए भी पार्टी के विस्तार में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।





