- पुलिस कि वर्दी पहने दो बाइक में सवार तीन आरक्षकों ने युवकों को घेरा
जांजगीर। पुलिस का काम जनता को सुरक्षा देना और अपराध पर अंकुश लगाना होता है। औमतौर पर किसी के साथ गलत हो रहा हो और सुरक्षा की आवश्यकता हो तो पुलिस का मदद लिया जाता है। लेकिन जांजगीर-चाम्पा जिले में इसके विपरीत ही मामला सामने आया है, जहाँ तीन युवकों से तीन आरक्षकों ने न सिर्फ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी बल्कि जेल भेजने का डर दिखाते हुए अवैध तरीके से 2500 रुपये वसूल लिया।
⇒ यह है पूरा मामला
पीड़ित तीन युवकों ने जांजगीरजंक्शन.कॉम को बताया कि वे कुछ काम से जांजगीर गए थे, वापसी में बनारी से पहले खाली जगह में यूरिन के लिए रुके तभी दो बाईक में तीन पुलिस आरक्षक आये और दारू पी रहे हो कहकर गाली देते हुए धमकाने लगे। जिसपर तीनों युवकों ने दारू नहीं पी रहे हम यूरिन के लिए रुके हैं कहा, जिसपर तीनों पुलिस आरक्षक ने युवकों कहा कि तुम तीनो यहां बैठकर दारू पी रहे थे और झूठ बोल रहे हो तुम्हें हम अंदर कर देँगे, और जबरन अवैध तरीके से 2500 रुपये वसूल लिया
फोन -पे से पैसे लेने वाला का नाम
युवकों ने इस मामले की पूरी जानकारी व पेमेंट का स्क्रीनशॉट जांजगीरजंक्शन.कॉम को िदया है। युवकों से यह पैसा फोन-पे के माध्यम से लिया गया है, ट्रांजेक्शन में जिसको पैसा क्रेडिट हुआ है उसका नाम विनोद छिद्दी लाल राठौर है।
ट्रांजेक्शन 28 दिसम्बर को दोपहर 12: 50 किया गया है, तीन युवकों में एक युवक जे.धीवर ने अपने फोन -पे से यह 2500 रुपये विनोद छिद्दी लाल राठौर को भेजा है। युवको ने बताया कि जेब मे पैसा नही होने के बाद उन्होंने अपने गांव के रहने वाले अपने परिचित से पैसा भिजवाया जिसके बाद तीन में से एक आरक्षक ने बाकायदा अपने जेब से मोबाईल निकालकर फोन-में ढाई हजार रुपए क्रेडिट करवाया और कहा कि किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा
युवकों ने एसपी से शिकायत की बात कही है
दअरसल तीनों युवक गांव के रहने वाले हैं और उन तीनों आरक्षकों से डरे हुए हैं की हमने उनका शिकायत बड़े अधिकारियों से किया तो हमसे बदला लेंगें और इसीलिए सामने आकर जल्दी शिकायत करने से बच रहे हैं, लेकिन तीन युवकों में एक युवक ने जांजगीरजंक्शन.कॉम को बताया कि वे इस जबरन अवैध वसूली का जल्द शिकायत करेंगें
आरक्षकों ने कहा..जेल गए तो ज्यादा खर्च होगा ,हमें 2500 दो छोड़ देँगे
युवकों ने बताया की आरक्षकों से बार-बार मिन्नतें कि हमे छोड़ दीजिए सर हमने दारू नहीं पिया है और न ही हम यहाँ दारू पीने बैठने वाले थे, लेकिन आरक्षक नही माने और लगातार पैसे देने का दबाव बनाते रहे।
आपको बता दें तीनो युवक गरीब परिवार से आते हैं जब मौके पर इनके पास पैसा था नहीं तो अपने परिचित से फोन-पे में पैसा उधार लेकर आरक्षकों फोन-पे से पैसा दिया
सारागांव थाने में पदस्थ ईमानदार आरक्षक चंद्रहास लहरे ने समाज में पुलिस विभाग का मान- सम्मान बढ़ाया था
हाल ही में बीते दिनों सारागांव थाने में पदस्थ आरक्षक चंद्रहास लहरे के ईमानदारी ने पुलिस विभाग के लिए प्रशंशा की झड़ी लगा दिया था। चंद्रहास लहरे ने 6800 हजार व गहने नागेश्वरी को लौटाया था। जिससे उनकी प्रशंसा चौतरफा हो रही है। आज प्रत्येक विभाग में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी व समाज में रहने वाले सभी लोगों को आरक्षक चंद्रहास लहरे से प्रेरणा लेकर ईमानदारी से अपना कार्य करना चाहिए
⇒ अब यह जाँच का विषय है की पुलिस की वर्दी में आये तीनों आरक्षक किस थाने के हैं, और अपने नाम से पेमेंट कराया या अपने किसी परिचित के खाते में पैसा लिया..या जिले में फर्जी पुलिस वसूली करने वर्दी पहने घूम रहे है..





