- परीक्षा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य—उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से कई बार मिली प्रशंसा..
रायपुर। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) को नया कुलसचिव मिल गया है। उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संदर्भ में सोमवार को आदेश जारी किया गया। शांत स्वभाव, प्रशासनिक दक्षता और परीक्षा प्रबंधन की उत्कृष्ट समझ रखने वाले डॉ. दीवान को प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक अनुभवी और सक्रिय अधिकारी के रूप में जाना जाता है।

डॉ. तरुणधर दीवान इससे पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में लगभग तीन वर्षों तक परीक्षा नियंत्रक के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत रहे। इस अवधि में उन्होंने विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को न केवल सुदृढ़ किया, बल्कि कई ऐसे नवाचार भी किए जिनके सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश में देखने को मिले। परीक्षा संचालन से लेकर मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणाम घोषणा तक, उनके नेतृत्व में विभाग ने अनेक उल्लेखनीय सुधार किए थे।
परीक्षा विभाग में उनके कार्यों का सबसे बड़ा प्रभाव उत्तर पुस्तिकाओं के बेहतर मूल्यांकन और समय पर परिणाम प्रकाशन के रूप में देखा गया। जिस समय कई विश्वविद्यालय परिणाम विलंब को लेकर आलोचना झेल रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने डॉ. दीवान की कार्ययोजना और सतत मॉनिटरिंग के चलते परीक्षाओं का संचालन समयबद्ध तरीके से किया और परिणाम भी निर्धारित समय सीमा में प्रकाशित किए। इस पहल की प्रशंसा न केवल छात्रों व अभिभावकों ने की, बल्कि उच्च शिक्षा विभाग ने भी इसे एक ‘मॉडल प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा।
डॉ. दीवान की अनुसंधान क्षमता, अकादमिक दृष्टिकोण और परीक्षा प्रणाली की गहरी समझ उन्हें राज्य के उन चुनिंदा प्रशासकों की श्रेणी में रखती है जिन्होंने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शोध कार्यों और परीक्षा पैटर्न के क्षेत्र में उनके द्वारा तैयार किए गए कई प्रारूप आज भी विभिन्न विश्वविद्यालयों में उपयोग किए जा रहे हैं।
परीक्षा प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. दीवान को छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग एवं राज्य सरकार द्वारा कई बार प्रशंसा पत्र प्रदान किया जा चुका है। उनकी कार्यशैली और निर्णय क्षमता के कारण उन्हें एक सक्षम, संवेदनशील व परिणाममुखी अधिकारी माना जाता है।
नए कुलसचिव के रूप में डॉ. तरुणधर दीवान से शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय को भी काफी उम्मीदें हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उनके नेतृत्व में अकादमिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित व सुचारू होंगी। विशेषकर परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और समयबद्ध परिणाम जारी करने के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
इस संदर्भ पर डॉ. दीवान ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय की सभी प्रशासनिक व शैक्षणिक प्रक्रियाओं को बेहतर से बेहतर बनाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान और विभागीय समन्वय को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
डॉ. तरुणधर दीवान के कुलसचिव बनने से विश्वविद्यालय समुदाय में उत्साह है। शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्रों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयां हासिल करेगा।





