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महिला एवं बाल विकास विभाग ने 7 दिवस के भीतर मांगे दावा-आपत्ति
जांजगीर-चांपा. राज्य सरकार द्वारा 2029 तक प्रदेश को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जांजगीर चाम्पा जिले में भी इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ऐसे ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायो को चिह्नकित किया जा रहा है जहां विगत दो वर्षाे में बाल विवाह का प्रकरण ना हुआ हो, उन्हे बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं बाल विवाह मुक्त नगरीय निकाय घोषित किया जाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि जांजगीर-चांपा में जिले में पामगढ से 59 ग्राम पंचायतो में एवं नगर पंचायत बलौदा व नगर पंचायत खरौद में नियमानुसार विगत दो वर्षाे में बाल विवाह का प्रकरण नही होने संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुये है। अतः इन्हे बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय घोषित किया जाकर प्रमाण पत्र जारी करना है। इस संबंध में यदि किसी भी व्यक्ति, संस्थान को किसी भी प्रकार की अपत्ति हो या कोई बाल विवाह का प्रकरण संज्ञान में हो तो वे 7 दिनों के भीतर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जांजगीर-चांपा (छ.ग.) के कार्यालय में प्रातः 10 बजे से सायं 5.30 बजे तक दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
अभी विभागीय कर्मचारियों ने की है जांच
प्रारंभिक चरण में महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजरों ने सम्बंधित गांव के सचिवों और निकायों के सीएमओ के साथ जांच की है क्योंकि महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास हर साल गांव में होने वाले विवाहों का रजिस्ट्रेशन होता है, ये रिकॉर्ड कितना सही है इसकी जांच भी होगी उसके बाद ग्राम सभाओं में इसे पारित किया जाएगा उसके बाद कलेक्टर बाल विवाह मुक्त पंचायत या निकाय की घोषणा करेंगे फ़िर सम्बंधित पंचायत और निकाय को बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा
नॉलेज के लिए
बालोद देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला
आपके लिए यह जानना ज़रूरी है कि आखिर केंद्र सरकार के इस अभियान में आगे कौन है तो ये गौरवान्वित करता है कि हमारे राज्य छत्तीसगढ़ का बालोद जिला देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला घोषित हो चुका है





