घरघोडा थाना क्षेत्र के ग्राम रायकेरा में 2 अक्टूबर की रात हुई घटना
रायगढ़ जिला के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रायकेरा में संपत्ति विवाद में एक बेटे ने ही अपने एक अन्य रिश्तेदार के साथ मिलकर अपने पिता और नानी का गला घोंटकर हत्या कर दी.
घटना के बाद आरोपी ने अपनी बहन को दोनों की हत्या करने की जानकारी देते हुए पुलिस को बताने के लिए भी कह दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
दरअसल जांच में सामने आया कि हत्या का कारण एनटीपीसी मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर चल रहा पुराना विवाद हत्या की वजह था.
3 अक्टूबर 2025 को ग्राम रायकेरा के कोटवार सकिर्तन राठिया ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव के घुराउ राम सिदार (55) और उनकी सास सुकमेत उर्फ सुखमेत सिदार (70) का शव उनके ही घर की परछी में पड़ा है। दोनों की गला घोंटकर हत्या की गई थी। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़, घरघोड़ा पुलिस, एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का अपराध (265/2025 धारा 103(1) बी.एन.एस.) पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच में पुलिस को मृतक के बेटे रविशंकर सिदार और रामप्रसाद सिदार से पूछताछ की गई, पुलिस को दोनों पर हत्या करने का संदेह था. दोनों ने पूछताछ में जुर्म कबूल करते हुए बताया कि मृतक और मृतिका का आरोपी रामप्रसाद के बीच एनटीपीसी के मुआवजा रकम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पहले भी कई बार इनका झगडा विवाद हो चुका था, मृतक के बेटे रविशंकर सिदार को रामप्रसाद सिदार के उकसाने पर पूर्व में अपने पिता मृतक – घुराउ राम सिदार को कई बार मारपीट कर चुका था। इसी रंजिश में 2 अक्टूबर की शाम को रविशंकर सिदार और रामप्रसाद सिदार एक साथ मिले और रविशंकर ने अपने पिता घुराउ राम की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना को देखकर जब सुखमेत ने विरोध किया तो उसकी भी आरोपियों ने गला दबाकर हत्या कर दी गई।
आरोपियों के निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त रस्सी बरामद कर ली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों — रविशंकर सिदार (26) और रामप्रसाद सिदार उर्फ गरिहा (83) निवासी रायकेरा मांझापारा — को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
रायगढ़ जिला के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रायकेरा में संपत्ति विवाद में एक बेटे ने ही अपने एक अन्य रिश्तेदार के साथ मिलकर अपने पिता और नानी का गला घोंटकर हत्या कर दी.
घटना के बाद आरोपी ने अपनी बहन को दोनों की हत्या करने की जानकारी देते हुए पुलिस को बताने के लिए भी कह दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
दरअसल जांच में सामने आया कि हत्या का कारण एनटीपीसी मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर चल रहा पुराना विवाद हत्या की वजह था.
3 अक्टूबर 2025 को ग्राम रायकेरा के कोटवार सकिर्तन राठिया ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव के घुराउ राम सिदार (55) और उनकी सास सुकमेत उर्फ सुखमेत सिदार (70) का शव उनके ही घर की परछी में पड़ा है। दोनों की गला घोंटकर हत्या की गई थी। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़, घरघोड़ा पुलिस, एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का अपराध (265/2025 धारा 103(1) बी.एन.एस.) पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच में पुलिस को मृतक के बेटे रविशंकर सिदार और रामप्रसाद सिदार से पूछताछ की गई, पुलिस को दोनों पर हत्या करने का संदेह था. दोनों ने पूछताछ में जुर्म कबूल करते हुए बताया कि मृतक और मृतिका का आरोपी रामप्रसाद के बीच एनटीपीसी के मुआवजा रकम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पहले भी कई बार इनका झगडा विवाद हो चुका था, मृतक के बेटे रविशंकर सिदार को रामप्रसाद सिदार के उकसाने पर पूर्व में अपने पिता मृतक – घुराउ राम सिदार को कई बार मारपीट कर चुका था। इसी रंजिश में 2 अक्टूबर की शाम को रविशंकर सिदार और रामप्रसाद सिदार एक साथ मिले और रविशंकर ने अपने पिता घुराउ राम की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना को देखकर जब सुखमेत ने विरोध किया तो उसकी भी आरोपियों ने गला दबाकर हत्या कर दी गई।
आरोपियों के निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त रस्सी बरामद कर ली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों — रविशंकर सिदार (26) और रामप्रसाद सिदार उर्फ गरिहा (83) निवासी रायकेरा मांझापारा — को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।





